कांटाबांजीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
अच्युतानंद महानंद (SWA) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 58.0% वोट पाकर कांटाबांजी सीट जीती और जोगिंद्र भोई (INC) को 8,433 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 108 तिर्तोल थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 108 पाटनागढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अच्युतानंद महानंद 41.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अच्युतानंद महानंद महागठबंधन | महागठबंधन | 11,77958.0% |
| 2 | जोगिंद्र भोई कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 3,34616.5% |
| 3 | भागीरथी बाग UTC | UTC | 2,74513.5% |
| 4 | मुरळि धर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4237.0% |
| 5 | गजिंद्र तांडी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0135.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SWA, INC और UTC को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांटाबांजी से कौन जीता, 1967–1971
SWA ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 61.6% से घटकर 58.0% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 33.9%।
- 1967एल. राय (SWA), जीत का अंतर 23.1%
- 1971अच्युतानंद महानंद (SWA), जीत का अंतर 41.5%