सोनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
नीलांबर रायगुरु (SWA) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर सोनपुर सीट जीती और हृषिकेश होता (INC) को 5,411 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 100 चौद्वार थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 100 नरला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नीलांबर रायगुरु 21.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नीलांबर रायगुरु महागठबंधन | महागठबंधन | 12,20548.5% |
| 2 | हृषिकेश होता कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 6,79427.0% |
| 3 | हिमांशु शेखर पाढि JAC | JAC | 2,75510.9% |
| 4 | अच्युत नंदा महाकुर UTC | UTC | 1,3455.3% |
| 5 | देबरंजन नाग निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1754.7% |
| 6 | दत्त मेहेर निर्दलीय | निर्दलीय | 8893.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोनपुर से कौन जीता, 1967–1971
SWA ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.2% से घटकर 48.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 36.3% से घटकर 34.9% रह गया।
- 1967एन. रायगुरु (SWA), जीत का अंतर 36.1%
- 1971नीलांबर रायगुरु (SWA), जीत का अंतर 21.5%