सुकिंदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
ए.एम. देबी (JAC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर सुकिंदा सीट जीती और एन.सी. पति (INC) को 8,730 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1961 में सीट नंबर 22 हिंजिली थी। 1971 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 22 बासुदेवपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ए.एम. देबी 31.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ए.एम. देबी JAC | JAC | 13,00547.0% |
| 2 | एन.सी. पति | 4,27515.4% | |
| 3 | पी. बाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,77410.0% |
| 4 | एस. देव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5999.4% |
| 5 | एन. बेहुराय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2438.1% |
| 6 | ए.के. जेना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7326.3% |
| 7 | बी. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0353.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुकिंदा से कौन जीता, 1967–1971
इसके बाद 1971 के चुनाव में यह सीट UTC ने जीती।
- 1967ए.एम. देबी (JAC), जीत का अंतर 31.6%
- 1971सनातन देव (UTC), जीत का अंतर 9.3%