तुईपांगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
के. रोखॉ (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 51.1% वोट पाकर तुईपांग सीट जीती और टी. टी. वाखू (INC) को 153 वोटों से हराया।
1987 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में भी सीट नंबर 1 का नाम तुईपांग था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 1 हाछेक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के. रोखॉ 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. रोखॉ निर्दलीय | निर्दलीय | 3,69751.1% |
| 2 | टी. टी. वाखू | 3,54448.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तुईपांग से कौन जीता, 1987–2003
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1989 के 85.3% से घटकर 83.1% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।