सइहाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
एस. हियातो (INC) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 52.9% वोट पाकर सइहा सीट जीती और जाखू ह्लाइछो (MNF) को 600 वोटों से हराया।
1987 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 2 संगाउ थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 2 दाम्पा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. हियातो | 4,36352.9% | |
| 2 | जाखू ह्लाइछो | 3,76345.6% | |
| 3 | जे. एस. रोपियांगा निर्दलीय | निर्दलीय | 1291.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और MNF को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सइहा से कौन जीता, 1987–2003
INC ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.9% से घटकर 52.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 72.4% से बढ़कर 81.8% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट MNF ने जीती।