चम्फाईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1989
जोरमथांगा (MNF) ने 1989 के विधान सभा चुनाव में 39.4% वोट पाकर चम्फाई सीट जीती और सी. सिल्वेरा (INC) को 304 वोटों से हराया।
1987 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1984 में सीट नंबर 15 न्गोपा थी। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 15 आइजोल पश्चिम I है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जोरमथांगा 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोरमथांगा | 3,73839.4% | |
| 2 | सी. सिल्वेरा | 3,43436.2% | |
| 3 | बी. लालहमिंगथांगा PPC | PPC | 1,36114.4% |
| 4 | लालदुहोमा निर्दलीय | निर्दलीय | 94810.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चम्फाई से कौन जीता, 1987–2003
MNF ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1987 के 77.7% से बढ़कर 80.3% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी MNF ने यह सीट अपने पास रखी।