देमागिरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
हरि क्रिस्टो चाकमा (INC(I)) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर देमागिरी सीट जीती और किस-तो मोहन (निर्दलीय) को 21 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 5 का नाम देमागिरी था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 से सीट नंबर 5 चोंगते है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
देमागिरी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 21 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि क्रिस्टो चाकमा INC | INC | 1,29636.2% |
| 2 | किस-तो मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,27535.6% |
| 3 | लियानछुंगा निर्दलीय | निर्दलीय | 94026.2% |
| 4 | एस. पी. देवान जनता | जनता | 732.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
देमागिरी से कौन जीता, 1978–1984
INC(I) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1978 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1978 के 53.0% से बढ़कर 56.0% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।