चोंगतेविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1979
स्नेहा कुमार (निर्दलीय) ने 1979 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर चोंगते सीट जीती और मदन कुमार (निर्दलीय) को 442 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 4 का नाम चोंगते था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1984 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 से सीट नंबर 4 लॉन्गतलाई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्नेहा कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,36830.1% |
| 2 | मदन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 92620.4% |
| 3 | अतुल चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 54111.9% |
| 4 | अरुण बिकाश जनता | जनता | 51711.4% |
| 5 | रुआलनेई खुमा निर्दलीय | निर्दलीय | 4259.3% |
| 6 | थांगलियाना निर्दलीय | निर्दलीय | 4129.1% |
| 7 | लबादों निर्दलीय | निर्दलीय | 2465.4% |
| 8 | चित्रा कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1152.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 62% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चोंगते से कौन जीता, 1978–1984
1978 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1978 के 40.2% से बढ़कर 51.9% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।