बीदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
माणिकराव आर. फुलेकर (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 41.1% वोट पाकर बीदर सीट जीती और जी. मडिवालप्पा खेनी (निर्दलीय) को 2,309 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 4 हुलसूर थी।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माणिकराव आर. फुलेकर | 16,56241.1% | |
| 2 | जी. मडिवालप्पा खेनी निर्दलीय | निर्दलीय | 14,25335.4% |
| 3 | सा नबी सैयद समेब | 6,86217.0% | |
| 4 | एच. बी. डेविड निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1842.9% |
| 5 | झरेप्पा तुक्कप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 7992.0% |
| 6 | ज़ेड. के. मजहर अली खान निर्दलीय | निर्दलीय | 4391.1% |
| 7 | खाजा मोईनुद्दीन मुनिजमो निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (168वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर के औसत के आसपास (216 सीटों में ऊपर से 168वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बीदर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट BJS से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 65.0% से घटकर 54.7% रह गया।
- 1967सी. गुरुपादप्पा (BJS), जीत का अंतर 15.1%
- 1972माणिकराव आर. फुलेकर (INC), जीत का अंतर 5.7%