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मैसूर · विधान सभा सीट नंबर 4

हुलसूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962

बापू राव (निर्दलीय) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर हुलसूर सीट जीती और सुभद्रा बाई (INC) को 38 वोटों से हराया।

1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 4 चिक्कोडी थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 4 बीदर है।

विजेता

बापू राव
IND
निर्दलीय 43.1%INC 43.0%1 अन्य 13.9%
मिले वोट
13,424
मतों का 43.1%
जीत का अंतर
38
कुल वोटों का 0.1%
उम्मीदवार
3
मतदान प्रतिशत
61.7%
55,127 मतदाताओं में से

हुलसूर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 38 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

3 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
बापू राव
निर्दलीय
निर्दलीय
13,42443.1%
2
सुभद्रा बाई
13,38643.0%
3
माणिकप्पा
4,34413.9%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
0.1%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
62%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

एक निर्दलीय, INC और PSP को 100% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
208 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 105

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
43.1%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 43.1%INC 43.0%PSP 13.9%

यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

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ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।