कृष्णराजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
डी. सूर्यनारायण (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर कृष्णराज सीट जीती और एच. गंगाधरन (BJS) को 8,156 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 108 तीर्थहल्ली थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डी. सूर्यनारायण 25.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. सूर्यनारायण | 14,15044.0% | |
| 2 | एच. गंगाधरन | 5,99418.7% | |
| 3 | एम. वेंकटलिंगय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3,50210.9% |
| 4 | बी. ए. बेल्लियप्पा | 3,1229.7% | |
| 5 | श्रीकांत शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3677.4% |
| 6 | वेदांत हेम्मिगे | 1,4144.4% | |
| 7 | के. सिद्दय्या | 1,2363.9% | |
| 8 | एच. के. अनंत निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.8% |
| 9 | टी. अनंत राव | 1000.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (189वाँ), सामान्य अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में मैसूर की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मैसूर में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (216 सीटों में ऊपर से 189वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णराज से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 46.6% से बढ़कर 50.4% हो गया।
- 1967एस. चन्नय्या (IND), जीत का अंतर 7.7%
- 1972डी. सूर्यनारायण (INC), जीत का अंतर 25.4%