तीर्थहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1962
एस. गोपाला गौउड़ा (SOC) ने 1962 के विधान सभा चुनाव में 56.3% वोट पाकर तीर्थहल्ली सीट जीती और के. टी. दानम्मा (INC) को 12,564 वोटों से हराया।
1962 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 में सीट नंबर 108 कृष्णराजपेट थी। 1962 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 108 कृष्णराज है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस. गोपाला गौउड़ा 37.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. गोपाला गौउड़ा SOC | SOC | 18,64956.3% |
| 2 | के. टी. दानम्मा | 6,08518.4% | |
| 3 | स्वामी राव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,68511.1% |
| 4 | विरूपाक्षप्पा गौउड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7515.3% |
| 5 | वेंकप्पा हेग्गडे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6455.0% |
| 6 | रामकृष्ण प्रभु | 1,3384.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SOC, INC और एक निर्दलीय को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।