राऊविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2013
जीतू पटवारी (INC) ने 2013 के विधान सभा चुनाव में 54.1% वोट पाकर राऊ सीट जीती और जीतू जिराती (BJP) को 18,559 वोटों से हराया।
2008 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2003 में सीट नंबर 210 धार थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जीतू पटवारी UPA | UPA | 91,88554.1% |
| 2 | जीतू जिराती NDA | NDA | 73,32643.2% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 2,6971.6% |
| 3 | प्रेम सिंह गुर्जर (कैप्टन) | 7760.5% | |
| 4 | आनन्द ओमप्रकाश भाटिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.3% |
| 5 | अनिल जीतू जिराती निर्दलीय | निर्दलीय | 4310.3% |
| 6 | सन्नी | 2470.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
इंदौर ज़िला · 32.8 लाख लोग · जनगणना 2011
आलू के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू83.3%
- मुस्लिम12.7%
- जैन2.2%
- सिख0.8%
- ईसाई0.6%
- बौद्ध0.3%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
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राऊ से कौन जीता, 2008–2023
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2008 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2008 के 69.5% से बढ़कर 73.3% हो गया। इसके बाद 2018 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।