पन्नाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
कुसुम सिंह (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 43.0% वोट पाकर पन्ना सीट जीती और जय प्रकाश पटेल (INC) को 22,683 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 56 मऊगंज थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 56 जबेरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — कुसुम सिंह 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुसुम सिंह NDA | NDA | 47,13043.0% |
| 2 | जय प्रकाश पटेल | 24,44722.3% | |
| 3 | राजेन्द्र सिंह | 15,99514.6% | |
| 4 | नसीम अखतर खान | 9,4468.6% | |
| 5 | सुभाष निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6233.3% |
| 6 | राज कुमार तिवारी बरकोला खुर्द | 2,7902.5% | |
| 7 | अलख निरंजन सिंह NDA | NDA | 2,4882.3% |
| 8 | साहिब सिंह RTKP | RTKP | 1,2671.2% |
| 9 | राम सिंह यादव RSMD | RSMD | 1,1541.1% |
| 10 | काली मुजाजमा खान छोटू भैया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1451.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पन्ना से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने 1998 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.1% से घटकर 43.0% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1998 के 55.8% से बढ़कर 60.3% हो गया।