सामरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
सोहनलाल (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 35.6% वोट पाकर सामरी सीट जीती और महंती भगत (INC) को 3,817 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 92 मरवाही थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 92 कटंगी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोहनलाल NDA | NDA | 22,46735.6% |
| 2 | महंती भगत | 18,65029.5% | |
| 3 | महेश्वर राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9,40414.9% |
| 4 | पारसनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 4,3016.8% |
| 5 | बंशीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0493.3% |
| 6 | जगमनी देवी | 1,8512.9% | |
| 7 | सोमनाथ भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6142.6% |
| 8 | डॉ. महाजन भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0871.7% |
| 9 | सुनील लकड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 9221.5% |
| 10 | राकेश पैकरा निर्दलीय | निर्दलीय | 5280.8% |
| 11 | अशोक प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सामरी से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.3% से घटकर 35.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 43.9% से बढ़कर 54.8% हो गया।