प्रेमनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
तुलेश्वर सिंह (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर प्रेमनगर सीट जीती और निरंजन सिंह (BJP) को 5,981 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 89 रामपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 89 किरनापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तुलेश्वर सिंह | 29,48144.2% | |
| 2 | निरंजन सिंह NDA | NDA | 23,50035.2% |
| 3 | राममनोहर सिंह टेकाम | 8,41812.6% | |
| 4 | राजनाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4775.2% |
| 5 | तिलकधारी सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9981.5% |
| 6 | देव साय निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.7% |
| 7 | भुनेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3460.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और GGP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
प्रेमनगर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.1% से घटकर 44.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 43.9% से बढ़कर 53.8% हो गया।