सिंगरौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
रामचरित्र (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 38.4% वोट पाकर सिंगरौली सीट जीती और बंश मणि प्रसाद वर्मा (INC) को 19,056 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 78 लखनपुर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 78 सिहावल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रामचरित्र 19.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामचरित्र NDA | NDA | 37,90238.4% |
| 2 | बंश मणि प्रसाद वर्मा | 18,84619.1% | |
| 3 | श्यामलाल | 11,18311.3% | |
| 4 | लालपति | 9,6399.8% | |
| 5 | तेजबली प्रसाद वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 8,1338.3% |
| 6 | राम भरोसे निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6656.8% |
| 7 | हरिलाल (डॉ. एच.एल. प्रजापति) | 3,8163.9% | |
| 8 | कालीचरण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3931.4% |
| 9 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 8110.8% |
| 10 | सुमेर सिंधु निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिंगरौली से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 43.4% से बढ़कर 53.2% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।