पवईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
अशोक वीर विक्रम सिंह (SP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 30.2% वोट पाकर पवई सीट जीती और पुष्पनेद्रा कुमार लटौरिया (BJP) को 857 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 सीधी थी। 2008 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पवई का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 857 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक वीर विक्रम सिंह | 27,65930.2% | |
| 2 | पुष्पनेद्रा कुमार लटौरिया NDA | NDA | 26,80229.3% |
| 3 | भानु सिंह | 20,91822.8% | |
| 4 | नारायण सिंह | 14,49315.8% | |
| 5 | संत कुमार (राजपूत) SDP(MP) | SDP(MP) | 1,1051.2% |
| 6 | जगदीश प्रसाद | 6010.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
पन्ना ज़िला · 10.2 लाख लोग · जनगणना 2011
आंवला के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू95.9%
- मुस्लिम3.5%
- जैन0.5%
- ईसाई<0.1%
- सिख<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पवई से कौन जीता, 1977–2023
SP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.7% से बढ़कर 60.1% हो गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977उमा शंकर (JNP), जीत का अंतर 12.2%
- 1980कैप्टन जयपाल सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 14.8%
- 1985जयपाल सिंह (INC), जीत का अंतर 15.6%
- 1990अशोक बीर विक्रम सिंह (IND), जीत का अंतर 17.5%
- 1993मुकेश नायक (INC), जीत का अंतर 6.3%
- 1998अशोक वीर विक्रम सिंह (SP), जीत का अंतर 0.9%
- 2003ब्रजेन्द्र प्रताप (BJP), जीत का अंतर 12.3%
- 2008बृजेन्द्र प्रताप सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 2013पंडित मुकेश नायक (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 2018प्रहलाद लोधी (BJP), जीत का अंतर 11.8%
- 2023प्रहलाद लोधी (BJP), जीत का अंतर 10.3%