तरानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
बाबूलाल मालवीय (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर तराना सीट जीती और डॉ. माधवप्रसाद शास्त्री (BJP) को 2,860 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 261 निमाड़खेड़ी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 261 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बाबूलाल मालवीय 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबूलाल मालवीय | 37,89350.3% | |
| 2 | डॉ. माधवप्रसाद शास्त्री NDA | NDA | 35,03346.5% |
| 3 | शिवलाल सोलंकी | 1,5572.1% | |
| 4 | इंजीनियर राजेश सिसोदिया AJBP | AJBP | 4160.6% |
| 5 | हिंदूवीर बाबूलाल ABHM | ABHM | 2990.4% |
| 6 | गोरधन लाल मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तराना से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 59.0% से बढ़कर 63.2% हो गया।