पोहरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
नरेन्द्र बिरथरे (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 34.5% वोट पाकर पोहरी सीट जीती और बैजंती वर्मा (INC) को 1,042 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 पिछोर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 25 शिवपुरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पोहरी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,042 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र बिरथरे NDA | NDA | 25,43334.5% |
| 2 | बैजंती वर्मा | 24,39133.1% | |
| 3 | डॉ. द्वारिका प्रसादवर्मा | 16,03321.7% | |
| 4 | देवेन्द्र श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1907.0% |
| 5 | शंभूदयाल पराशर | 1,8162.5% | |
| 6 | सुरेन्द्र सिंह हांडा निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.5% |
| 7 | श्रीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.4% |
| 8 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 9 | परमाल निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 10 | माधो सिंह गौर आदिवासी | 630.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पोहरी से कौन जीता, 1977–2003
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 60.1% से घटकर 59.0% रह गया। इसके बाद 2003 के चुनाव में यह सीट RSMD ने जीती।
- 1977दामोदर प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 9.1%
- 1980हरि बल्लभ शुक्ला (INC(I)), जीत का अंतर 6.1%
- 1985हिमांशु शर्मा (INC), जीत का अंतर 14.6%
- 1990जगदीश प्रसाद वर्मा (BJP), जीत का अंतर 25.3%
- 1993बैजंती वर्मा (IND), जीत का अंतर 8.9%
- 1998नरेन्द्र बिरथरे (BJP), जीत का अंतर 1.4%
- 2003हरिवल्लभ शुक्ला (RSMD), जीत का अंतर 6.4%