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मध्य प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 212

बरघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

डॉ. दलसिंह बिसेन (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर बरघाट सीट जीती और महानंद रहांगडाले (INC) को 10,548 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 212 पिपरिया थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 212 सरदारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

डॉ. दलसिंह बिसेन
BJP· NDA
BJP 44.6%INC 32.9%5 अन्य 22.5%
मिले वोट
40,033
मतों का 44.6%
जीत का अंतर
10,548
कुल वोटों का 11.8%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
71.4%
1,25,597 मतदाताओं में से

11.8% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
डॉ. दलसिंह बिसेन
NDA
NDA
40,03344.6%
2
महानंद रहांगडाले
29,48532.9%
3
भोयाराम चौधरी
निर्दलीय
निर्दलीय
15,26717.0%
4
मोहम्मद अब्दुल वहीद उर्फ़ जाफर पटेल
3,5844.0%
5
दीपसिंह बट्टी
7050.8%
6
महेन्द्र गेंदलाल मेश्राम
निर्दलीय
निर्दलीय
4070.5%
7
देवीसिंह मडावी
निर्दलीय
निर्दलीय
2060.2%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
11.8%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
71%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

BJP, INC और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
320 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 161

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
44.6%BJP की जीत
BJP 44.6%INC 32.9%निर्दलीय 17.0%अन्य 5.5%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

बरघाट से कौन जीता, 1977–1998

BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.1% से घटकर 44.6% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 68.6% से बढ़कर 71.4% हो गया।

  1. 1977भरतलाल बिसेन (INC), जीत का अंतर 5.7%
  2. 1980महेश प्रसाद मिश्रा (INC(I)), जीत का अंतर 34.0%
  3. 1985प्रभा भार्गव (INC), जीत का अंतर 22.4%
  4. 1990ढाल सिंह बिसेन (BJP), जीत का अंतर 39.4%
  5. 1993ढाल सिंह बिसेन (BJP), जीत का अंतर 15.2%
  6. 1998डॉ. दलसिंह बिसेन (BJP), जीत का अंतर 11.8%