खुज्जीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
राजिंदरपाल सिंह भाटिया (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर खुज्जी सीट जीती और भोलाराम साहू (INC) को 4,369 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 170 जबलपुर कैंट थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 170 सुसनेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजिंदरपाल सिंह भाटिया NDA | NDA | 40,48851.4% |
| 2 | भोलाराम साहू | 36,11945.9% | |
| 3 | उत्तम सुखदेवे | 5630.7% | |
| 4 | हरि सिंह शिंदराम | 2740.3% | |
| 5 | दयाराम (गुरूजी) निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.3% |
| 6 | चंद्रकुमारी LD | LD | 2320.3% |
| 7 | चन्द्रभान साहू CMM | CMM | 2210.3% |
| 8 | झुमुकलाल घोड़ेश्वर | 2180.3% | |
| 9 | धनीराम गोरकर | 1760.2% | |
| 10 | मोहन पटेल अधिवक्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 11 | श्रीमती चमेली यादव CSP | CSP | 680.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खुज्जी से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.5% से घटकर 51.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 63.3% से बढ़कर 68.5% हो गया।