गुंडरदेहीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
घन राम साहू (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर गुंडरदेही सीट जीती और डॉ. दयाराम साहू (BJP) को 8,295 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 बजाग थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 165 खिलचीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | घन राम साहू | 41,14550.3% | |
| 2 | डॉ. दयाराम साहू NDA | NDA | 32,85040.2% |
| 3 | कुर्मी गुमान लाल सुखतेल | 2,7263.3% | |
| 4 | देवेन्द्र कुमार साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3262.8% |
| 5 | चमन लाल साहू | 1,5571.9% | |
| 6 | सोहनलाल शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.4% |
| 7 | लखन लाल मेश्राम | 2610.3% | |
| 8 | नेमू राम साहू CSP | CSP | 1980.2% |
| 9 | भानु प्रताप साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1760.2% |
| 10 | गुहाराम | 1760.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गुंडरदेही से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 76.8% से घटकर 72.8% रह गया।