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मध्य प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 141

राजिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998

श्यामचरण शुक्ला (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर राजिम सीट जीती और डॉ. नीना सिंह (BJP) को 23,019 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 141 दुर्ग थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 141 बैतूल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

श्यामचरण शुक्ला
INC 54.9%BJP 30.2%5 अन्य 14.9%
मिले वोट
51,203
मतों का 54.9%
जीत का अंतर
23,019
कुल वोटों का 24.7%
उम्मीदवार
7
मतदान प्रतिशत
65.8%
1,41,695 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — श्यामचरण शुक्ला 24.7% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

7 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
श्यामचरण शुक्ला
51,20354.9%
2
डॉ. नीना सिंह
NDA
NDA
28,18430.2%
3
संतोष उपाध्याय
निर्दलीय
निर्दलीय
9,57810.3%
4
खिलाश कुमार
निर्दलीय
निर्दलीय
2,0642.2%
5
पीलीबाई निषाद
1,2801.4%
6
बहुरराम साहू गुरुजी
5430.6%
7
पुनीतराम साहू
निर्दलीय
निर्दलीय
4400.5%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
24.7%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
66%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

INC, BJP और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
320 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 161

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
54.9%INC की जीत
INC 54.9%BJP 30.2%निर्दलीय 10.3%अन्य 4.6%

यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

राजिम से कौन जीता, 1977–1998

INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1990 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.5% से घटकर 54.9% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 69.5% से घटकर 65.8% रह गया।

  1. 1977पवन दीवान सुखरामधर (JNP), जीत का अंतर 22.7%
  2. 1980जीवनलाल साहू (INC(I)), जीत का अंतर 0.6%
  3. 1985पुनीत राम साहू (BJP), जीत का अंतर 26.3%
  4. 1990श्यामा चरण शुक्ला (INC), जीत का अंतर 38.3%
  5. 1993श्यामचरण शुक्ला (INC), जीत का अंतर 40.1%
  6. 1998श्यामचरण शुक्ला (INC), जीत का अंतर 24.7%