कसडोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
गौरी शंकर अग्रवाल (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 49.3% वोट पाकर कसडोल सीट जीती और डॉ. कन्हैयालाल शर्मा (INC) को 23,717 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 135 बीजापुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 135 सिवनी-मालवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गौरी शंकर अग्रवाल 25.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गौरी शंकर अग्रवाल NDA | NDA | 46,24049.3% |
| 2 | डॉ. कन्हैयालाल शर्मा | 22,52324.0% | |
| 3 | सुखदेव प्रसाद साहू | 20,78922.2% | |
| 4 | डॉ. शांतिकुमार कैवर्त्य AJBP | AJBP | 1,3241.4% |
| 5 | गांधी राम निषाद AD | AD | 7290.8% |
| 6 | लक्ष्मी शंकर CSP | CSP | 4750.5% |
| 7 | दिनेश कुमार साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 4660.5% |
| 8 | डॉ. कन्हैयालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.4% |
| 9 | अरुण कुमार यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 3450.4% |
| 10 | हरिशंकर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
| 11 | संजय दुबे SVSP | SVSP | 1600.2% |
| 12 | लक्ष्मी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.85 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसडोल से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1993 जितना ही रहा: 64.3%।