अभनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
धनेन्द्र साहू (INC) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 49.5% वोट पाकर अभनपुर सीट जीती और अशोक बजाज (BJP) को 8,084 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 128 केशकाल थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 128 अमरवाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धनेन्द्र साहू | 42,97749.5% | |
| 2 | अशोक बजाज NDA | NDA | 34,89340.2% |
| 3 | बी. आर. यादव | 3,4644.0% | |
| 4 | रतिराम साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0953.6% |
| 5 | एम. कोशी फिलिप निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2811.5% |
| 6 | राकेश तिवारी | 4590.5% | |
| 7 | महावीर निर्दलीय | निर्दलीय | 3020.3% |
| 8 | पद्मनी सिंह परमार CSP | CSP | 2690.3% |
| 9 | नवीन मलेवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अभनपुर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.2% से बढ़कर 49.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 1993 के 73.1% से घटकर 71.3% रह गया।