चांपाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1998
नारायण प्रसाद चन्देल (BJP) ने 1998 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर चांपा सीट जीती और मोतीलाल महेशराम देवांगन (INC) को 6,679 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 122 बिंद्रानवागढ़ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 122 बरघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण प्रसाद चन्देल NDA | NDA | 35,08339.5% |
| 2 | मोतीलाल महेशराम देवांगन | 28,40432.0% | |
| 3 | साहस राम कर्ष | 19,51122.0% | |
| 4 | केदार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1073.5% |
| 5 | डॉ. श्यामलाल कश्यप AD | AD | 9361.1% |
| 6 | बलराम कर्ष LSWP | LSWP | 4690.5% |
| 7 | अशोक अग्रवाल | 4520.5% | |
| 8 | जमुना देवी श्रीमोर निर्दलीय | निर्दलीय | 3730.4% |
| 9 | अग्रवाल ओमप्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.1% |
| 10 | संतोष शर्मा | 1120.1% | |
| 11 | दयाराम कर्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 12 | रामदास महंत निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चांपा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 69.1% से घटकर 61.8% रह गया।