गुंडरदेहीविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1996
डॉ. दयाराम साहू (BJP) ने 1996 के विधान सभा उपचुनाव में 35.8% वोट पाकर गुंडरदेही सीट जीती और श्री घनाराम साहू (INC) को 193 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 बजाग थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 165 खिलचीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गुंडरदेही का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 193 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. दयाराम साहू | 29,18435.8% | |
| 2 | श्री घनाराम साहू | 28,99135.5% | |
| 3 | श्री केजू राम वर्मा | 19,36623.7% | |
| 4 | श्री नेतराम साहू | 2,0262.5% | |
| 5 | श्री नोहरसिंह गजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7260.9% |
| 6 | डॉ. बसंत कुमार चन्द्राकर निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.7% |
| 7 | डॉ. (श्रीमती) तोरन देवी साहू LSP | LSP | 2470.3% |
| 8 | श्री खेमलाल अंगारे निर्दलीय | निर्दलीय | 2090.3% |
| 9 | श्री श्रवण कुमार साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.2% |
| 10 | श्री भानुप्रताप साहू SDP(MP) | SDP(MP) | 1200.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।