तखतपुरविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1996
बलराम सिंह (INC) ने 1996 के विधान सभा उपचुनाव में 31.3% वोट पाकर तखतपुर सीट जीती और शंकर माली (BSP) को 1,343 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 115 कसडोल थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 115 गाडरवारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तखतपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,343 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलराम सिंह | 22,88031.3% | |
| 2 | शंकर माली | 21,53729.5% | |
| 3 | ठा छेदी सिंह | 17,20623.6% | |
| 4 | डॉ. उर्मिला मार्को | 7,80310.7% | |
| 5 | डॉ. बद्री जायसवाल MPVC | MPVC | 2,6723.7% |
| 6 | सत्येन्द्र कुमार पासवान | 6440.9% | |
| 7 | रामनाथ दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।