तखतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मनहरणलाल पाण्डेय (BJP) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 50.3% वोट पाकर तखतपुर सीट जीती और हाफिज मोहम्मद (INC) को 3,677 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 115 कसडोल थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 115 गाडरवारा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मनहरणलाल पाण्डेय | 21,94750.3% | |
| 2 | हाफिज मोहम्मद | 18,27041.9% | |
| 3 | रामसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6351.5% |
| 4 | जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6051.4% |
| 5 | बोधराम निर्दलीय | निर्दलीय | 5161.2% |
| 6 | दुखुवा निर्दलीय | निर्दलीय | 4701.1% |
| 7 | धकेल राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4691.1% |
| 8 | रामलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3330.8% |
| 9 | संतेलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.6% |
| 10 | बिरझेराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तखतपुर से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 59.3% से घटकर 56.0% रह गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।