अंबिकापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मदन गोपाल सिंह (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 49.8% वोट पाकर अंबिकापुर सीट जीती और लरंग साय (BJP) को 11,291 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 95 मुंगेली थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 95 नैनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मदन गोपाल सिंह 17.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मदन गोपाल सिंह | 31,74749.8% | |
| 2 | लरंग साय | 20,45632.1% | |
| 3 | कमल भान जनता दल | जनता दल | 5,1418.1% |
| 4 | संत कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6652.6% |
| 5 | धर्म साय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0351.6% |
| 6 | अजय अरुण मिंज निर्दलीय | निर्दलीय | 9691.5% |
| 7 | रामलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7531.2% |
| 8 | डोमनिक मिंज | 7171.1% | |
| 9 | वच्छराज निर्दलीय | निर्दलीय | 5930.9% |
| 10 | करमू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4120.7% |
| 11 | लालू सिंह | 2910.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JD को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अंबिकापुर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.1% से बढ़कर 49.8% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 38.8% से बढ़कर 45.3% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।