कोतमाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राजेश नंदनी सिंह (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.2% वोट पाकर कोतमा सीट जीती और जय सिंह (JD) को 1,711 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 83 पत्थलगांव थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 83 ब्यौहारी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। राजेश नंदनी सिंह 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश नंदनी सिंह | 19,98729.2% | |
| 2 | जय सिंह जनता दल | जनता दल | 18,27626.7% |
| 3 | छोटेलाल (सखी) | 17,80726.0% | |
| 4 | धान सिंह | 7,81011.4% | |
| 5 | मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4343.6% |
| 6 | बैजनाथ वाम दल | वाम दल | 1,1791.7% |
| 7 | कलावती निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.4% |
| 8 | देवनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.3% |
| 9 | छोटेलाल (घुसमुनिया) | 2220.3% | |
| 10 | सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1810.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कोतमा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 37.3% से बढ़कर 47.1% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।