बिजावरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मानवेन्द्र सिंह (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर बिजावर सीट जीती और जुझार सिंह बुन्देला (BJP) को 14,627 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 48 रामपुर बघेलान थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 48 महाराजपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मानवेन्द्र सिंह 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मानवेन्द्र सिंह | 46,22853.2% | |
| 2 | जुझार सिंह बुन्देला | 31,60136.4% | |
| 3 | दुली चन्द | 4,1494.8% | |
| 4 | मलखान | 1,6811.9% | |
| 5 | देवेन्द्र सिंह उर्फ़ भोले राज जनता दल | जनता दल | 1,1031.3% |
| 6 | रघुबीर शे खरे BVD | BVD | 8921.0% |
| 7 | शिवस्वरूप | 7780.9% | |
| 8 | हरलाल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 4290.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिजावर से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 52.9% से बढ़कर 61.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977मुकुंद सखाराम (JNP), जीत का अंतर 23.5%
- 1980यादवेंद्र सिंह उर्फ़ लालूराजा (INC(I)), जीत का अंतर 4.6%
- 1985जुझार सिंह (BJP), जीत का अंतर 11.6%
- 1990जुझार सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.3%
- 1993मानवेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 16.8%
- 1998मानवेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2003जितेन्द्र (BJP), जीत का अंतर 19.1%