बण्डाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
संतोष कुमार साहू (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर बण्डा सीट जीती और हरनाम भैय्या (BJP) को 3,352 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 37 बिजावर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 37 सुरखी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। संतोष कुमार साहू 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संतोष कुमार साहू | 48,01648.2% | |
| 2 | हरनाम भैय्या | 44,66444.8% | |
| 3 | कमला बाई समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 2,0672.1% |
| 4 | इन्द्रजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5561.6% |
| 5 | नरेंद्र सिंह पत्रकार | 1,0801.1% | |
| 6 | तुलसीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 7810.8% |
| 7 | नारायण सिंह यादव जनता दल | जनता दल | 5480.6% |
| 8 | लक्ष्मी प्रसाद | 3500.3% | |
| 9 | ए. सत्तार निर्दलीय | निर्दलीय | 3440.3% |
| 10 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2580.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और SP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बण्डा से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 68.0% से बढ़कर 74.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977शिवराज सिंह (JNP), जीत का अंतर 18.9%
- 1980प्रेमनारायण गोरेलाल (INC(I)), जीत का अंतर 3.6%
- 1985हरनामसिंह राठोड (BJP), जीत का अंतर 9.2%
- 1990हरनाम सिंह राठौर (BJP), जीत का अंतर 14.7%
- 1993संतोष कुमार साहू (INC), जीत का अंतर 3.4%
- 1998हरनाम सिंह राठौर (BJP), जीत का अंतर 15.4%
- 2003हरनाम भैया (BJP), जीत का अंतर 9.3%