नीमचविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
खुमान सिंह शिवाजी (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर नीमच सीट जीती और नंदराम दास (बालकवि वैरागी) (INC) को 66 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 319 नहीं थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 319 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नीमच का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 66 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खुमान सिंह शिवाजी | 52,84348.5% | |
| 2 | नंदराम दास (बालकवि वैरागी) | 52,77748.4% | |
| 3 | शिवनारायण पाटीदार जनता दल | जनता दल | 1,3111.2% |
| 4 | कृष्ण चन्द्र | 6530.6% | |
| 5 | बाघ सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 5380.5% |
| 6 | शैलेंद्र सिंह ठाकुर (बना) | 3100.3% | |
| 7 | मोहम्मद बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 8 | विजयसिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 9 | राम बाबू | 1020.1% | |
| 10 | सीताबाई निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 11 | मांगीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 12 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नीमच से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.0% से घटकर 48.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 60.7% से बढ़कर 70.9% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।