पंधानाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
किशोरीलाल वर्मा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 51.7% वोट पाकर पंधाना सीट जीती और हिरालाल (निर्दलीय) को 9,154 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 283 झाबुआ थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 283 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशोरीलाल वर्मा | 35,65251.7% | |
| 2 | हिरालाल निर्दलीय | निर्दलीय | 26,49838.4% |
| 3 | रूप चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7645.5% |
| 4 | जगदीश गणपत जनता दल | जनता दल | 9401.4% |
| 5 | बाबूलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6981.0% |
| 6 | शंकर लाल | 5680.8% | |
| 7 | प्रेम चन्द गुड्डू निर्दलीय | निर्दलीय | 4890.7% |
| 8 | जय किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पंधाना से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.4% से घटकर 51.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 53.3% से बढ़कर 58.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।