सुसनेरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बल्लभ अंबावतिया (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर सुसनेर सीट जीती और हरिभाऊ जोशी (निर्दलीय) को 7,298 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 260 हरसूद थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 260 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बल्लभ अंबावतिया | 31,19541.0% | |
| 2 | हरिभाऊ जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 23,89731.4% |
| 3 | बद्रीलाल सोनी | 15,37020.2% | |
| 4 | यसवंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9933.9% |
| 5 | जसवंत राव सिसोदिया | 8291.1% | |
| 6 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5190.7% |
| 7 | सूरज सिंह यादव जनता दल | जनता दल | 4800.6% |
| 8 | बद्री प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3980.5% |
| 9 | महेश कुमार राठौर | 3090.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुसनेर से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 67.0% से घटकर 65.9% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।