उदयपुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
रामपाल सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 54.7% वोट पाकर उदयपुरा सीट जीती और राम प्रसाद (वाडे बीर) (INC) को 9,986 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 243 तराना थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 243 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामपाल सिंह | 39,11554.7% | |
| 2 | राम प्रसाद (वाडे बीर) | 29,12940.8% | |
| 3 | चौहान जे.एस. जनता दल | जनता दल | 6590.9% |
| 4 | कुल्लू खान पहलवान | 5800.8% | |
| 5 | संजीव गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 5020.7% |
| 6 | प्रेमनारायण जाटव | 4040.6% | |
| 7 | धान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.4% |
| 8 | वैकुंठ तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
| 9 | अतुल विश्नोई निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.3% |
| 10 | भागवत सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.3% |
| 11 | भगवान दास पटवा | 1630.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उदयपुरा से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.9% से घटकर 54.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 1990 के 49.1% से बढ़कर 56.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।