पांढुर्नाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
चन्द्र शेखर संबरतोड़ (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर पांढुर्ना सीट जीती और मारोतराव खवसे (BJP) को 7,940 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 221 भोजपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 221 सैलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चन्द्र शेखर संबरतोड़ | 30,12747.5% | |
| 2 | मारोतराव खवसे | 22,18735.0% | |
| 3 | फगन सिंह धुर्वे | 7,69112.1% | |
| 4 | छोटेलाल सुखलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5030.8% |
| 5 | गिरजाबाई चोरे निर्दलीय | निर्दलीय | 4940.8% |
| 6 | रमेश उर्फ़ काका चोपरे BRP | BRP | 4090.7% |
| 7 | रत्नाकर तोपारे निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.6% |
| 8 | खुशालीराम मारोतराव देशमुख जनता दल | जनता दल | 3490.6% |
| 9 | भोजराज रबारे समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3140.5% |
| 10 | विनायक निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.4% |
| 11 | जनार्धन लोखंडे RPI(K) | RPI(K) | 2050.3% |
| 12 | राम राव शालिकराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
| 13 | चंद्रकांत पांडेसे निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.2% |
| 14 | मधुसूदन पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.2% |
| 15 | हरजीत सिंह (उड्डी भैया) निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 16 | शवजीलाल उइके निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2003 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2003 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पांढुर्ना से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.7% से बढ़कर 60.4% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।