बालाघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गौरी शंकर चतुर्भुज बिसेन (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर बालाघाट सीट जीती और नन्द किशोर शर्मा (INC) को 3,674 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 183 पथरिया थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 183 इंदौर-IV है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गौरी शंकर चतुर्भुज बिसेन 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गौरी शंकर चतुर्भुज बिसेन | 43,74347.3% | |
| 2 | नन्द किशोर शर्मा | 40,06943.4% | |
| 3 | एस.एच. रिज़ावी | 1,5461.7% | |
| 4 | गिरधारी बाघरेचा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2411.3% |
| 5 | गणेश श्रीलाल भजे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0041.1% |
| 6 | केशव देशमुख जनता दल | जनता दल | 9141.0% |
| 7 | उमाशंकर रामलाल पारधी निर्दलीय | निर्दलीय | 8370.9% |
| 8 | उमेश बाघरेचा निर्दलीय | निर्दलीय | 6210.7% |
| 9 | दीपक प्रकाश चन्द जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 5220.6% |
| 10 | गोवर्धन पाटले उर्फ हिटलर निर्दलीय | निर्दलीय | 5040.6% |
| 11 | धनेश्वर शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 4050.4% |
| 12 | मुनिरुद्दीन उर्फ मुनीर भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 2360.3% |
| 13 | हरलाल देशमुख निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.3% |
| 14 | अनिल मंगलानी निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.2% |
| 15 | कन्हैयालाल पारधी निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 16 | हिरालाल पाटले | 1200.1% | |
| 17 | सम्मेलाल सिंह ध्रुवे निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 18 | हनीफ भाई कुरैशी निर्दलीय | निर्दलीय | 450.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बालाघाट से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1985 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.6% से बढ़कर 47.3% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 66.4% से बढ़कर 71.9% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।