चौकीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गोवर्धन नेताम (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर चौकी सीट जीती और सुरेश ठाकुर (BJP) को 17,479 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 169 पनागर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 169 आगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गोवर्धन नेताम 30.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोवर्धन नेताम | 29,82352.0% | |
| 2 | सुरेश ठाकुर | 12,34421.5% | |
| 3 | कंचन माला सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9,91417.3% |
| 4 | प्रमोद कुमार रावटे | 1,3002.3% | |
| 5 | भगवानी राम कुंजाम जनता दल | जनता दल | 1,2312.1% |
| 6 | गंगा शाह दाऊ CMM | CMM | 1,0351.8% |
| 7 | राम किसुन कवार वाम दल | वाम दल | 6751.2% |
| 8 | बदुराम सलामे | 3730.7% | |
| 9 | लखन शाह कुंजाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.4% |
| 10 | लोकनाथ ठाकुर | 1670.3% | |
| 11 | राहुल शाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.3% |
| 12 | शिवराज उसरे निर्दलीय | निर्दलीय | 1240.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौकी से कौन जीता, 1977–1998
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 46.2% से बढ़कर 50.6% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।