केशकालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
महेश बघेल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर केशकाल सीट जीती और धन्नूराम मरकाम (INC) को 3,469 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 148 राजनांदगांव थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 148 गोविंदपुरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेश बघेल | 21,01849.7% | |
| 2 | धन्नूराम मरकाम | 17,54941.5% | |
| 3 | बीरसिंह बघेल जनता दल | जनता दल | 1,2222.9% |
| 4 | कृष्ण कुमार ध्रुव निर्दलीय | निर्दलीय | 9802.3% |
| 5 | रघुराम भेडिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4561.1% |
| 6 | चेतन सिंह | 3770.9% | |
| 7 | झाडूराम सुंदरलाल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 3450.8% |
| 8 | सुखदेव सिंह | 3380.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और JD को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केशकाल से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.7% से घटकर 49.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 33.0% से बढ़कर 40.2% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।