आरंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गंगू राम बघेल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 46.7% वोट पाकर आरंग सीट जीती और धर्म दास उर्फ़ धर्मदास महिलांग (INC) को 8,614 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 130 बकावंड थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 130 सौंसर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गंगू राम बघेल | 33,73046.7% | |
| 2 | धर्म दास उर्फ़ धर्मदास महिलांग | 25,11634.8% | |
| 3 | कुन्ती कुर्रे | 10,45814.5% | |
| 4 | मनीराम नवराने जनता दल | जनता दल | 1,7882.5% |
| 5 | मोहन भारती IPF | IPF | 5590.8% |
| 6 | संतराम टण्डन निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.6% |
| 7 | शंकर चिंतल निर्दलीय | निर्दलीय | 1100.1% |
| 8 | सुभाष चन्द्र सुरेभ | 880.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और BSP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आरंग से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने 1990 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.3% से घटकर 46.7% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 54.6% से बढ़कर 69.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।