दमोहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
मुकेश नायक (INC) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर दमोह सीट जीती और जयंत कुमार मलैया (BJP) को 92 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 53 मनगवाँ थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 53 मलहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दमोह का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 92 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मुकेश नायक | 26,94548.4% | |
| 2 | जयंत कुमार मलैया | 26,85348.3% | |
| 3 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 5200.9% |
| 4 | ताराचंद भदौरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.7% |
| 5 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2630.5% |
| 6 | मोहम्मद नफीस निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.4% |
| 7 | रामदास राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.4% |
| 8 | नारायण प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.3% |
| 9 | रामप्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दमोह से कौन जीता, 1977–2003
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.2% से बढ़कर 55.4% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।