सरायपालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1985
पुखराज सिंह (निर्दलीय) ने 1985 के विधान सभा चुनाव में 56.4% वोट पाकर सरायपाली सीट जीती और मोहनलाल चौधरी (INC) को 9,628 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 137 मारो थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 137 हरदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पुखराज सिंह 19.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुखराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 27,94956.4% |
| 2 | मोहनलाल चौधरी | 18,32137.0% | |
| 3 | राजेन्द्र दुबे | 2,2994.6% | |
| 4 | बलराम पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.6% |
| 5 | शशि भूषण पटेल निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.5% |
| 6 | दुर्गा प्रसाद चन्द्राकर जनता | जनता | 2000.4% |
| 7 | गणपतराम सेन सरायपाली निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.2% |
| 8 | लोकनाथ बी. पात्रो निर्दलीय | निर्दलीय | 980.2% |
| 9 | श्यामलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 520.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सरायपाली से कौन जीता, 1977–1998
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 53.1% से बढ़कर 56.0% हो गया। इसके बाद 1990 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।