मैहरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
विजय नारायण (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर मैहर सीट जीती और गयाराम सिंह (BJP) को 632 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 59 देवसर थी। 2003 में, छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, जब सीटों के नंबर बदले गए, तब भी इसका नंबर वही रहा। 2003 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 59 गुन्नौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
मैहर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 632 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय नारायण | 23,87544.6% | |
| 2 | गयाराम सिंह | 23,24343.4% | |
| 3 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6344.9% |
| 4 | नारायण सिंह JNP(SC) | JNP(SC) | 2,0953.9% |
| 5 | रामा शंकर त्रिपाठी JNP(SR) | JNP(SR) | 9841.8% |
| 6 | सुरेन्द्र सिंह | 7411.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मैहर से कौन जीता, 1977–2003
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.1% से घटकर 59.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।