हरसूदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
मोतीलाल मनांग (BJP) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर हरसूद सीट जीती और मंगल सिंह कोरकू गुलारी (INC(I)) को 2,146 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 281 अलीराजपुर थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से कोई सीट नंबर 281 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोतीलाल मनांग | 12,98845.4% | |
| 2 | मंगल सिंह कोरकू गुलारी | 10,84237.9% | |
| 3 | बिसराम तुमला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4144.9% |
| 4 | टेबा झापा JNP(JP) | JNP(JP) | 1,2174.3% |
| 5 | मिश्रीलाल रामकरण आदिवासी निर्दलीय | निर्दलीय | 7192.5% |
| 6 | पटेल लंगड़ा कोरकू निर्दलीय | निर्दलीय | 7062.5% |
| 7 | काली राम तुमला पटेल JNP(SC) | JNP(SC) | 5111.8% |
| 8 | कासिर मांगीलाल मालू निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC(I) और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.82 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरसूद से कौन जीता, 1977–1998
BJP ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 40.9% से घटकर 39.3% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।