सिहोराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
मंजू देवी (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 51.6% वोट पाकर सिहोरा सीट जीती और धन्या कुमार जैन (BJP) को 7,622 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 200 छिन्दवाड़ा थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 200 महेश्वर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — मंजू देवी 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंजू देवी | 21,07551.6% | |
| 2 | धन्या कुमार जैन | 13,45333.0% | |
| 3 | पुरुषोत्तमलाल सोनी वाम दल | वाम दल | 1,8534.5% |
| 4 | बृज बिहारी JNP(JP) | JNP(JP) | 1,5703.9% |
| 5 | विष्णु धनंद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4493.5% |
| 6 | जगदीश प्रसाद JNP(SC) | JNP(SC) | 8642.1% |
| 7 | प्रकाश चन्द्र चनपुरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 5381.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और CPI को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिहोरा से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 59.6% से घटकर 51.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।