मझौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
विजय (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 49.1% वोट पाकर मझौली सीट जीती और ठाकुर पुखराज सिंह चन्देल (BJP) को 6,896 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 199 सिवनी थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 199 बड़वाह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — विजय 19.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विजय | 17,73749.1% | |
| 2 | ठाकुर पुखराज सिंह चन्देल | 10,84130.0% | |
| 3 | घनश्याम पटेल JNP(SC) | JNP(SC) | 2,0105.6% |
| 4 | मोहम्मद सय्यद मंसुरी वाम दल | वाम दल | 1,9435.4% |
| 5 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3223.7% |
| 6 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0743.0% |
| 7 | घनश्याम प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6761.9% |
| 8 | अयोध्या प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 5361.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), BJP और JNP(SC) को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मझौली से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 60.2% से घटकर 49.6% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।