बालोदविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1980
हिरालाल सोनबोइर (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा चुनाव में 57.6% वोट पाकर बालोद सीट जीती और नारायणराव पवार (BJP) को 9,756 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 167 निवास थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 167 गुलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हिरालाल सोनबोइर 23.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हिरालाल सोनबोइर | 23,91957.6% | |
| 2 | नारायणराव पवार | 14,16334.1% | |
| 3 | बृजनंदन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4535.9% |
| 4 | खमानलाल तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 9722.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I) और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बालोद से कौन जीता, 1977–1998
INC(I) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 59.5% से घटकर 50.4% रह गया। इसके बाद 1985 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।